कोरोना वायर्स पर कविता
अखण्ड भारत की तस्वीर देखी,
एकजुट अनुशासन की लकीर देखी,,
एकजुट अनुशासन की लकीर देखी,,
22 मार्च बन जायेगा एक पर्व,
दुनिया करेगी इस दिन पर गर्व,,
विश्व गुरु भारत था और आज भी हैं,
भविष्य में भी सदा के लिए गुरु बन जाएगा,,
ए मेरे देश वासी लिखित और अलिखित
सविधान को लिख दो इतिहास के पन्नो पर
जहाँ एक अनुशासन का शासन बन जाए,
हर तरफ मर्यादा का अंकुश लग जाए,,
द्वेष , राग और दुश्मन का हिंदी से शब्द गायब हो जाए,
भाईचारा , प्रेम और प्रार्थना हर दिल मे बस जाए,,
कोरोना का खात्मा ऐसे हो जाये,
हमारी सावधानी उस पर भारी पड़ जाए,,
संस्कारो से हमनें चलना सीखा हैं,
हर परिस्थिति में रहना सीखा हैं,
कन्द मूल की रोटी खाने वाला देश हैं,
रूखी सुखी खाकर सो जाने वाला देश हैं,,
हर विकट समस्या से लड़ने की ताकत भरी हुई हैं,
हर असमय में आने वाली झंझट की हिम्मत भरी हुई,,
कोरोना नही होगा तेरा यहाँ सवेरा,
यहां नही होगा तेरा अब रेन बसेरा,,
राजा की बात मानना हमारी संस्कृति हैं,
क्योंकि राजा वो कला कृति हैं,,
जो देश का भला चाहता हैं,
मोदी हर रास्ता बताना जानता हैं,,
कोरोना तेरा तांडव अब यहां नही चलेगा,
यहां रुका तो धधकती आग में जलेगा,,
यह ऋषि मुनियों का ,सन्त महापुरुषों का देश हैं,
यह हजारो वर्ष तपस्या का भारत देश हैं,
चारों तरफ का कारवां घर को बढ़ जाएगा,
चाहे जैसा वायरस हो पड़ा पड़ा मर जाएगा,,
मन में ऐसा संकल्प लिया जाएगा,
हर भारतीय ऐसा शिष्ट बन जाएगा,,
चली आज इस कलम की बात रह जाए,
आतंक , हिंसा की हर शम्मा बुझ जाए,,
सारा हिंदुस्तां एक परिवार बन जाए,
मौजी सरदार का यह पैगाम बट जाए,,,
21 दिन को इतना ऐतिहासिक बना दो
हे भारत माता कुछ ऐसा जादू चला दो
कलम मौजी सरदार की
दुनिया करेगी इस दिन पर गर्व,,
विश्व गुरु भारत था और आज भी हैं,
भविष्य में भी सदा के लिए गुरु बन जाएगा,,
ए मेरे देश वासी लिखित और अलिखित
सविधान को लिख दो इतिहास के पन्नो पर
जहाँ एक अनुशासन का शासन बन जाए,
हर तरफ मर्यादा का अंकुश लग जाए,,
द्वेष , राग और दुश्मन का हिंदी से शब्द गायब हो जाए,
भाईचारा , प्रेम और प्रार्थना हर दिल मे बस जाए,,
कोरोना का खात्मा ऐसे हो जाये,
हमारी सावधानी उस पर भारी पड़ जाए,,
संस्कारो से हमनें चलना सीखा हैं,
हर परिस्थिति में रहना सीखा हैं,
कन्द मूल की रोटी खाने वाला देश हैं,
रूखी सुखी खाकर सो जाने वाला देश हैं,,
हर विकट समस्या से लड़ने की ताकत भरी हुई हैं,
हर असमय में आने वाली झंझट की हिम्मत भरी हुई,,
कोरोना नही होगा तेरा यहाँ सवेरा,
यहां नही होगा तेरा अब रेन बसेरा,,
राजा की बात मानना हमारी संस्कृति हैं,
क्योंकि राजा वो कला कृति हैं,,
जो देश का भला चाहता हैं,
मोदी हर रास्ता बताना जानता हैं,,
कोरोना तेरा तांडव अब यहां नही चलेगा,
यहां रुका तो धधकती आग में जलेगा,,
यह ऋषि मुनियों का ,सन्त महापुरुषों का देश हैं,
यह हजारो वर्ष तपस्या का भारत देश हैं,
चारों तरफ का कारवां घर को बढ़ जाएगा,
चाहे जैसा वायरस हो पड़ा पड़ा मर जाएगा,,
मन में ऐसा संकल्प लिया जाएगा,
हर भारतीय ऐसा शिष्ट बन जाएगा,,
चली आज इस कलम की बात रह जाए,
आतंक , हिंसा की हर शम्मा बुझ जाए,,
सारा हिंदुस्तां एक परिवार बन जाए,
मौजी सरदार का यह पैगाम बट जाए,,,
21 दिन को इतना ऐतिहासिक बना दो
हे भारत माता कुछ ऐसा जादू चला दो
कलम मौजी सरदार की
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